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मड़ला घाटी में जाम से मिलेगी मुक्ति
कलेक्टर और विधायक ने दिए क्रेन तैनाती और 4 नवंबर से सड़क सुधार के निर्देश
पन्ना। मड़ला घाटी में आए दिन लगने वाले जाम और आम जनता को होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पन्ना विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं कलेक्टर हर्ष सिंह की मौजूदगी में हुई इस बैठक में एलिवेटेड सड़क निर्माण से पहले स्थानीय स्तर पर पुख्ता वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाने पर सहमति बनी।

बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय और नए नियम:
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- 4 नवंबर से शुरू होगा काम: बमीठा-सतना मार्ग के घाट सेक्शन में गड्ढों को भरने और शोल्डर भराव का कार्य आज से ही शुरू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- स्थाई रूप से तैनात होगी क्रेन: जाम में फंसे वाहनों को तत्काल हटाने के लिए घाटी के सुविधाजनक स्थानों पर स्थाई रूप से क्रेन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- भारी वाहनों का रूट डायवर्जन: जे.के. सीमेंट के ट्रकों को किशनगढ़ मार्ग से छतरपुर रूट पर डायवर्ट किया जाएगा। हालांकि, डायवर्जन लागू करने से पहले इस मार्ग की सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा। बड़े ट्रालों और हैवी ट्रैफिक को भी रोक-रोककर नियंत्रित तरीके से निकाला जाएगा।
- सुरक्षा के लिए लगेंगे मिरर और साइन बोर्ड: घाटी के अंधा मोड़ों पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए विशेष मिरर (शीशे) और साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। आवश्यकतानुसार नए ट्रैफिक पॉइंट्स भी बनाए जाएंगे।
- हाईटेक तकनीक से होगी निगरानी: मोबाइल नेटवर्क और बिजली की समस्या से निपटने के लिए घाटी में सोलर पैनल और लिथियम बैटरी से चलने वाले आधुनिक कैमरे, सिग्नल और रडार लगाए जाएंगे ताकि गति सीमा पर नजर रखी जा सके।
बैठक में बस यूनियन और जे.के. सीमेंट के प्रतिनिधियों से भी संवाद कर आवश्यक सुझाव लिए गए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक स्थाई निर्माण नहीं हो जाता, तब तक इन वैकल्पिक उपायों से आम जनता की यात्रा को हर हाल में सुगम और सुरक्षित बनाया जाए।
